a विश्वविद्यालय वाणिज्य एवं व्यवसाय प्रशासन विभाग, टीएमबीयू, भागलपुर, बिहार, भारत
b विश्वविद्यालय गृह विज्ञानं विभाग, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, बिहार, भारत
Received: 04-02-2026, Revised: 04-03-2026, Accepted: 12-04-2026, Available online: 15-04-2026
भारत में ई-कॉमर्स का विकास तेज़ी से हो रहा है, और इसके साथ हिंदी जैसी स्थानीय भाषाओं का महत्व भी बढ़ता जा रहा है। पहले, ई-कॉमर्स का बाजार मुख्य रूप से अंग्रेजी पर आधारित था, लेकिन अब हिंदी और अन्य भारतीय भाषाओं का उपयोग बढ़ रहा है, जिससे उन उपभोक्ताओं को जोड़ा जा रहा है जो अंग्रेजी में सहज नहीं हैं। ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों में स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच ने हिंदी इंटरफेस के माध्यम से खरीदारी को आसान बना दिया है। ई-कॉमर्स प्लेटफार्म, जैसे अमेज़न और फ्लिपकार्ट, अब हिंदी में इंटरफेस और ग्राहक सेवा प्रदान कर रहे हैं, जिससे उपयोगकर्ता अनुभव बेहतर हो रहा है। हिंदी में विज्ञापन और मार्केटिंग ने भी स्थानीय ग्राहकों को आकर्षित किया है। हालांकि, भाषा अनुवाद की गुणवत्ता और सांस्कृतिक संदर्भ को ध्यान में रखना अभी भी एक चुनौती है। फिर भी, हिंदी और अन्य स्थानीय भाषाओं का उपयोग भारत के ई-कॉमर्स बाजार के भविष्य को आकार दे रहा है, जिससे डिजिटल समावेश की दिशा में बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
Keywords: ई-कॉमर्स, ग्रामीण उपभोक्ता, स्मार्टफोन, इंटरफेस, स्थानीय भाषा
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कुमारी, डॉ. कविता, रंजन, अंकिता (2026). ई-कॉमर्स और हिंदी: भारतीय बाजार में स्थानीय भाषा का उदय. International Journal of Social Science & Innovations, 1 (1), 7-10