a विश्वविद्यालय राजनीती विज्ञानं विभाग, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, बिहार, भारत
Received: 05-02-2026, Revised: 05-03-2026, Accepted: 13-04-2026, Available online: 16-04-2026
1974 का छात्र आंदोलन भारत के राजनीतिक इतिहास में एक महत्वपूर्ण मोड़ था। यह आंदोलन बिहार से शुरू हुआ और देखते ही देखते पूरे देश में फैल गया। इसकी सबसे प्रमुख विशेषता थी कि यह केवल छात्र विरोध तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह एक व्यापक भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष में परिवर्तित हो गया। इस आंदोलन का नेतृत्व जयप्रकाश नारायण (जेपी) ने किया, जिन्होंने इसे ‘संपूर्ण क्रांति’ का नाम दिया। यह आंदोलन न केवल तत्कालीन इंदिरा गांधी सरकार के लिए चुनौती बना, बल्कि इसने भारतीय लोकतंत्र में जनता की भूमिका को भी पुनर्परिभाषित किया। इस लेख में, 1974 के छात्र आंदोलन के कारणों, विकास, प्रभावों और संपूर्ण क्रांति की विचारधारा का विश्लेषण किया गया है।
Keywords: गुटनिरपेक्ष आंदोलन, शीत युद्ध, पंचशील सिद्धांत, वैश्विक कूटनीति, नवउपनिवेशवाद, संयुक्त राष्ट्र
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कुमार, मयंक (2026). संपूर्ण क्रांति’ के प्रणेता: 1974 के छात्र आंदोलन और भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष का नेतृत्व: एक शोध समीक्षा. International Journal of Social Science & Innovations, 1 (1), 11-16