a विश्वविद्यालय राजनीती विज्ञानं विभाग, मुंगेर विश्वविद्यालय, मुंगेर, बिहार, भारत
Received: 02-02-2026, Revised: 04-03-2026, Accepted: 09-04-2026, Available online: 12-04-2026
यह लेख शीत युद्ध के दौरान नवस्वतंत्र देशों द्वारा अपनाई गई स्वतंत्र विदेश नीति के संदर्भ में गुटनिरपेक्ष आंदोलन (Non-Aligned Movement - NAM) की उत्पत्ति, विकास एवं वैश्विक प्रभाव का संक्षिप्त विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें मुख्य रूप से यह दर्शाया गया है कि कैसे द्वितीय विश्व युद्ध के पश्चात अमेरिका और सोवियत संघ के प्रभाव से दूर रहते हुए एशियाई, अफ्रीकी एवं लैटिन अमेरिकी राष्ट्रों ने अपने राष्ट्रीय हितों, आर्थिक सहयोग और वैश्विक शांति के लिए एक स्वतंत्र मंच का निर्माण किया। साथ ही, NAM ने संयुक्त राष्ट्र में विकासशील देशों की आवाज़ को सशक्त किया और परमाणु निरस्त्रीकरण, औपनिवेशवाद के खिलाफ संघर्ष एवं वैश्विक आर्थिक न्याय के मुद्दों पर सक्रिय भूमिका निभाई [1]–[3]।
Keywords: गुटनिरपेक्ष आंदोलन, शीत युद्ध, पंचशील सिद्धांत, वैश्विक कूटनीति, नवउपनिवेशवाद, संयुक्त राष्ट्र
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कुमार, बादल, कुमार, रमण (2026). गुटनिरपेक्ष आंदोलन की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि और वैश्विक प्रभाव: एक शोध समीक्षा. International Journal of Social Science & Innovations, 1 (1), 1-6